DOWNLOAD OUR APP
IndiaOnline playstore
02:01 PM | Thu, 30 Jun 2016

Download Our Mobile App

Download Font

उप्र : 'किसान वर्ष' में भी कृषि विभाग उदासीन

158 Days ago

उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 को किसान वर्ष घोषित कर किसानों के लिए समर्पित किया है, लेकिन रोचक बात यह है कि किसान वर्ष में भी कृषि विभाग का संवाद किसानों से लगातार टूटता जा रहा है।

विभाग के अधिकारियों ने इस बात को स्वीकार किया कि कर्मचारियों व अधिकारियों की कमी के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ निचले स्तर तक पहुंचाने में विभाग को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

विभाग के सूत्रों की मानें तो गांव और ब्लॉक स्तर पर स्वीकृत पदों के अनुसार नियुक्ति न हो पाने का खामियाजा किसानों को झेलना पड़ रहा है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो किसान और खेती के प्रति सरकार उदासीन होती जा रही है।

कृषि विभाग के एक अधिकारी ने आईएएनएस से विशेष बातचीत के दौरान विभाग के आंकड़ों को साझा किया। उन्होंने बताया किस तरह कर्मचारियों और अधिकारियों के न होने से योजनाएं मूर्त रूप नहीं ले पा रही हैं।

उन्होंने बताया, "जिलों में विभिन्न वर्गो में स्वीकृत पदों की संख्या 28,090 है। इसमें लगभग 13 हजार पद रिक्त हैं। अरसे से खाली इन पदों में 400 से अधिक राजपत्रित अधिकारियों के पद रिक्त हैं। किसानों से सीधे संपर्क रखने वाले इन अधिकारियों के न होने से योजनाओं को मूर्त रूप देने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।"

विभाग के सूत्रों की मानें तो प्राविधिक सहायक ग्रुप सी के रिक्त पदों की संख्या 6,000 के आसपास है और इनकी नियुक्ति को लेकर पिछले दो वर्ष से प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद नियुक्तियों का मामला अभी तक निस्तारित नहीं हुआ है।

हाल यह है कि केंद्र सरकार की संस्तुति के बाद भी कृषि मित्रों की नियुक्ति को लेकर कोई पहल नहीं हुई है। किसानों से सीधा संवाद इन कृषि मित्रों के माध्यम से ही होता है। प्रत्येक गांव में एक कृषि मित्र नियुक्त करने की व्यवस्था है, लेकिन सरकार ने इसके लिए अभी तक हरी झंडी नहीं दी है।

कृषि विभाग के सलाहकार रमेश यादव के मुताबिक, विभाग में अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।

इधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उप्र किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री शारदानंद सिंह ने इसे लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, "सरकार किसानों के साथ लगातार अन्याय कर रही है। यदि केंद्र सरकार से इसकी संस्तुति मिल चुकी है तो सरकार को तुरंत कृषि मित्रों की तैनाती करनी चाहिए। कृषि मित्रों के माध्यम से उन्नतशील बीजों, दवाइयों और उर्वरकों की जानकारी किसानों तक पहुंचती है।"

उन्होंने कहा कि कृषि मित्र सरकार और किसानों के बीच एक कड़ी के तौर पर काम करते हैं, इसलिए किसान मित्रों, कर्मचारियों व अधिकारियों की नियुक्ति शीघ्र की जानी चाहिए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Viewed 34 times
  • SHARE THIS
  • TWEET THIS
  • SHARE THIS
  • E-mail

Our Media Partners

app banner

Download India's No.1 FREE All-in-1 App

Daily News, Weather Updates, Local City Search, All India Travel Guide, Games, Jokes & lots more - All-in-1